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key to success-सफलता की कुंजी

    key to success-सफलता की कुंजी

      
key to success-सफलता की कुंजी
key to success-सफलता की कुंजी




Success- सफलता का कनेक्शन विचार साहस कर्म जिज्ञासा उल्लास इमेजिन प्रेरण सोच और असफलता से जुड़ा है


            
                 Key to success


1. विचार - हम कोई रियल दुनिया में तब तक प्रवेश नहीं कर जाते तब तक हमारा विचार उस दुनिया में ना घुस जाए विचार एक ऐसा संज्ञा है जो फेक इमेज को रियल्टी में बदलने का ताकत रखता है कोई भी काम हमारे सामने आने से पहले वहां विचार में होता है अपने विचार को मजबूत बनाना होगा क्योंकि विचार दो तरह से आते हैं एक विचार जो आपको आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करता है और दूसरा विचार आपको पीछे हटने के लिए मजबूर करता है





2. इमेजिंग- इमेजिन यहां हमारा दिमाग का चलता फिरता वीडियो है यहां विचार के बाद आता है जो काम करने के लिए हम सोच रहे होते हैं उसे इमेजिंग पहले ही कर जाता है इमेजिन हमारे दिमाग में एक विजुअल दुनिया वाले वीडियो क्रेट करता है जिसका कोई आयाम नहीं होता है लेकिन यहां रियल्टी में बहुत ही इफेक्ट करता है और सक्सेस होने में इसका भी बहुत बड़ा रोल होता है



3.प्रेरण- प्रेरण (motivation) यहां हमें आगे बढ़ने का हौसला प्रदान करता है हम सफलता के मामले में दूसरे से ही अभिप्रेरण होते है सक्सेस के मार्ग में इसका होना जरूरी है जिससे हमारे ऊर्जा उस ओर हमें ले जाने के लिए मजबूर करता है motivation और dimotivation इन दोनों का तालमेल होना जरूरी है क्योंकि dimotivation से motivation का ऊर्जा डबल हो जाता है




4. जिज्ञासा- किसी चीज को जान लेना या समझा लेना यहां जिज्ञासा है success में भी जिज्ञासा यानी स्किल के ज़रूरत पड़ता है  आपकी स्किल जितने अधिक होंगे आपका success होने का चांस उतना ही अधिक होगा क्योंकि आप किसी काम को अच्छे तरह से जान नहीं लोगे या समझ नहीं लोगे तो उसमें आपका सक्सेज होने का चांस बहुत ही कम रहता है इसलिए जितना हो सके अपने स्किल पावर को बढ़ाओ







5. एक्शन- इसके बिना कोई काम होता ही नहीं है आपने विचार बना लिया है उस मुकाम तक पहुंचने के लिए तो बात आता है उस काम को करने का शुरुआत यानी पहला कदम इसे हम एक उदाहरण के तौर पर समझते है मान लिया जाए एक 250 पंथिया वाले सीढ़ी है और आपको उसमें चढ़ना है जैसे आप पहले सीढ़ी पर पांव रखते है वहां एक्शन है जिसके बाद आपका दूसरा पैर खुद म खुद दूसरे पंथिया को तय करने लगेंगे इसलिए अपने काम के प्रति एक्शन लेना भी बहुत जरूरी है




6. कर्म- कोई भी चीज बिना कर्म के नहीं मिलते उसके लिए कर्मा करना पड़ता है भाग्य का फल एक बार मिलता है लेकिन कर्म का फल जितना बार कर्म करोगे उतना बार मिलता है जितना बड़े काम के लिए सोचते हैं उसमें उतना ही अधिक कर्म करना पड़ता है आपको अपने कर्म को मजबूत करना होगा क्योंकि कोई भी चीज हमारे पास कर्म से ही आता है success पर यहां डिफरेंट करता है कि आप उसके प्रति कितने मेहनत कर रहे हो





7. असफलता-यहां सक्सेस का वह पहलू है जिसका स्वाद चखे बिना सक्सेस नहीं मिलता असफलता सफलता के मार्ग में एक नई सीख देते हैं इसके ना होने पर सक्सेस का कोई कदर ही नहीं रहता सक्सेस होने से पहले आप का सामना असफलता कठिनाई से होगा आपको इसका सामना करना पड़ेगा इसलिए असफलता से पीछे न हठो बल्कि इसका सामना करो और अपने काम को जारी रखो



   सफल होने में इनका बहुत बड़ा योगदान होता है




 ऊपर 7 टिप्स दिए है जो key to success सफलता की कुंजी में एक अहेम भूमिका निभाता है 



       

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